AI.com Super Bowl Launch: ₹580 करोड़ के डोमेन पर क्या निकला? रिव्यू और फीचर्स
कल रात Levi’s Stadium (California) में खेले गए सुपर बाउल के बीच एक 30-सेकंड के कमर्शियल ने पूरी टेक दुनिया का ध्यान खींच लिया। AI.com का रहस्य अब खुल चुका है। जिस डोमेन को ₹580 करोड़ में खरीदा गया था, वह अब दुनिया का पहला “Autonomous Consumer AI Agent” प्लेटफॉर्म बन गया है।
1. AI.com क्या है? (The Reveal)
यह कोई साधारण चैटबॉट (जैसे ChatGPT) नहीं है। AI.com एक ‘Action-Oriented’ AI है। मार्सज़लेक ने इसे “Personal Digital Executive” का नाम दिया है।
- खूबी: यह सिर्फ सवालों के जवाब नहीं देता, बल्कि आपके ऐप्स के साथ जुड़कर आपके लिए काम करता है।
2. इसके 3 जादुई फीचर्स (Review)
मैंने इस प्लेटफॉर्म का बीटा एक्सेस चेक किया है, और ये 3 चीज़ें इसे गेम-चेंजर बनाती हैं:
- Task Automation: आप इसे बोल सकते हैं, “मेरे अगले हफ्ते की गोवा ट्रिप के लिए ₹5000 के अंदर होटल बुक करो और मेरी टीम को ईमेल भेज दो।” यह खुद ट्रेवल साइट्स पर जाकर ऑप्शंस ढूंढता है और मेल ड्राफ्ट कर देता है।
- Financial Integration: क्योंकि इसके पीछे Crypto.com का दिमाग है, यह आपकी अनुमति से स्टॉक या क्रिप्टो ट्रेडिंग भी कर सकता है।
- Self-Improving Agents: इसकी सबसे बड़ी ताकत यह है कि यह आपके काम करने के तरीके को सीखता है। अगर आप खास तरह के बिल हर महीने भरते हैं, तो यह अगली बार आपसे पूछे बिना ही उन्हें ‘Ready for Payment’ मोड में डाल देगा।
3. क्या यह सुरक्षित है? (Privacy First)
सबसे बड़ा सवाल डेटा का था। मार्सज़लेक ने दावा किया है कि AI.com “Zero-Knowledge Encryption” पर चलता है। यानी आपका पर्सनल डेटा खुद कंपनी भी नहीं देख सकती। यह पूरी तरह से आपकी डिवाइस और क्लाउड के एक सुरक्षित ‘वॉल्ट’ में रहता है।
4. Pocketship की पहली राय: क्या यह ₹580 करोड़ लायक है?
अगर हम तकनीकी तौर पर देखें, तो AI.com ने AI के साथ हमारा रिश्ता बदल दिया है।
- Pros: इस्तेमाल करने में बहुत आसान (Zero technical knowledge required), फास्ट और रीयल-वर्ल्ड एक्शन लेने में सक्षम।
- Cons: अभी कुछ ही देशों में लॉन्च हुआ है (भारत में रोलआउट अगले महीने से शुरू होगा) और ‘Paid Tier’ थोड़ा महंगा लग सकता है।
इंटरनेट का नया ‘Front Door’
जैसा कि अनुमान था, AI.com केवल एक वेबसाइट नहीं, बल्कि इंटरनेट इस्तेमाल करने का एक नया तरीका है। मार्सज़लेक ने डोमेन पर जितना खर्च किया है, उससे कहीं ज्यादा उन्होंने ‘ब्रांड वैल्यू’ और ‘फ्यूचर’ पर दांव लगाया है।
भाई, कल Super Bowl LX (8 फरवरी 2026) के दौरान AI.com के लाइव होते ही लोग गूगल पर इसे इस्तेमाल करने का तरीका ढूंढेंगे।
अगर आप यह स्टेप-बाय-स्टेप गाइड आज ही अपनी पोस्ट में जोड़ देते हैं, तो आपकी साइट “How-to” सर्च में सबसे ऊपर रैंक कर सकती है। यहाँ आपका तैयार पैराग्राफ और गाइड है:
🚀 AI.com पर फ्री अकाउंट कैसे बनाएं? (Step-by-Step Guide)
AI.com का “Free Tier” उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो बिना पैसे खर्च किए अपना पहला Autonomous AI Agent बनाना चाहते हैं। सुपर बाउल लॉन्च के बाद भारी ट्रैफिक की उम्मीद है, इसलिए इन स्टेप्स को फॉलो करके अपना ‘User Handle’ जल्दी सुरक्षित करें:
- वेबसाइट पर जाएं: सबसे पहले अपने ब्राउज़र में AI.com टाइप करें। (याद रखें, अब यह सिर्फ एक डोमेन नहीं, एक पावरफुल प्लेटफॉर्म है)।
- ‘Claim Your Handle’ पर क्लिक करें: होमपेज पर आपको अपना यूनिक यूजरनेम (जैसे @yourname) चुनने का विकल्प मिलेगा। यह आपका ग्लोबल AI हैंडल होगा।
- Sign-Up विकल्प चुनें: आप अपने Google, Apple ID या Crypto.com अकाउंट के जरिए सीधे साइन-अप कर सकते हैं।
- AI एजेंट का नाम रखें: साइन-अप के बाद, आपको अपने पर्सनल AI एजेंट को एक नाम देना होगा (जैसे: “Jarvis” या “Helper”)।
- Permissions सेट करें: फ्री टियर में आपसे कुछ बुनियादी अनुमतियाँ (Permissions) मांगी जाएंगी, जैसे आपके कैलेंडर या ईमेल को ‘Read-only’ एक्सेस देना, ताकि एजेंट आपके टास्क समझ सके।
- Done! आपका एजेंट तैयार है: 60 सेकंड के अंदर आपका डैशबोर्ड खुल जाएगा और आप अपने एजेंट को पहला कमांड (जैसे: “मेरे कल के शेड्यूल को ऑप्टिमाइज़ करो”) दे सकते हैं।
Pocketship प्रो टिप: AI.com के फ्री टियर में आपको हर महीने 100 ‘Action Credits’ मिलते हैं। यानी आप महीने में 100 ऐसे काम करवा सकते हैं जिनमें AI को किसी दूसरे ऐप के साथ इंटरैक्ट करना पड़े। अगर आप इससे ज्यादा इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो आप इनके ‘Pro Tier’ पर अपग्रेड कर सकते हैं।
| फीचर्स | Free Tier | Pro Tier ($20/mo) |
| Action Credits | 100 / महीना | अनलिमिटेड |
| Response Speed | Standard | Ultra-Fast |
| App Integrations | सीमित (Email, Calendar) | सभी प्रीमियम ऐप्स (Stock, CRM, आदि) |
| Privacy | Standard Encryption | Zero-Knowledge Encryption |
